झाबुआ । जिले के थांदला खण्ड अंतर्गत चौखवाड़ा मंडल में विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन चौखवाड़ा, तोरणिया एवं पिपला ढेबर तीन गांवों की सीमा पर आयोजित हुआ, जिसमें आसपास के नौ गांवों से लगभग 4200 की संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में राजस्थान से पधारे संत श्री जगदीश दास जी महाराज ने धर्मांतरण विषय पर समाज को जागरूक रहने का आह्वान किया।

संत श्री रमेश जी वसुनिया (चौखवाड़ा) ने आदिवासी संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक मूल्यों को संरक्षित रखने की आवश्यकता बताई। मातृशक्ति मयूरी जी धानक ने पंच परिवर्तन विषय पर अपने विचार रखते हुए सामाजिक परिवर्तन में मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला बौद्धिक प्रमुख श्री शुभम जी पंवार रहे। उन्होंने संघ की 100 वर्षों की संघर्षपूर्ण यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार संघ ने विपरीत परिस्थितियों, आपातकाल, सामाजिक उपेक्षा और संसाधनों के अभाव के बावजूद निरंतर राष्ट्र व समाज सेवा का कार्य किया।

उन्होंने कहा कि संघ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य किया है। जनजातीय क्षेत्रों में संघ के कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा केंद्र, सेवा प्रकल्प, स्वास्थ्य शिविर, संस्कार वर्ग और सामाजिक समरसता के प्रयासों से समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया है। श्री पंवार ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं, महामारी, बाढ़, भूकंप जैसी आपात स्थितियों में स्वयंसेवकों ने बिना किसी भेदभाव के सेवा कार्य किया।

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उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सशक्त समाज का निर्माण है। सम्मेलन अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं सामाजिक समरसता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।






