कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना 2027 की तैयारियों, प्रशासनिक व्यवस्था, प्रशिक्षण एवं डिजिटल प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनगणना 2027भारत की जनगणना देश के नागरिकों की विभिन्न विशेषताओं से संबंधित सांख्यिकीय जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत है। वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली जनगणना वर्ष 1872 से 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। पूर्व में अंतिम जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। जनगणना 2027 पूर्णतः डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन एवं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आंकड़ों का संकलन, प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग की जाएगी।प्रशासनिक व्यवस्थाराष्ट्रीय स्तर पर भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त जनगणना कार्य का संचालन करेंगे। राज्य स्तर पर जनगणना निदेशालय के निदेशक इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे।

मुख्य सचिव के अधीन नोडल अधिकारी (सचिव, गृह) केंद्र एवं राज्य के मध्य समन्वय स्थापित करेंगे।जिला स्तर पर जिला कलेक्टर प्रमुख जनगणना अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। तहसील एवं नगरीय स्तर पर चार्ज अधिकारी (तहसीलदार/नगर पालिका अधिकारी) जिम्मेदारी निभाएंगे। इनके अधीन प्रगणक एवं पर्यवेक्षक कार्य करेंगे, जिनमें शिक्षक, राज्य शासन एवं स्थानीय निकायों के फील्ड कर्मचारी शामिल होंगे।जिला झाबुआ की प्रशासनिक इकाइयाँजनगणना 2027 के अंतर्गत जिला झाबुआ में 6 तहसीलें, 5 नगरीय निकाय एवं 821 ग्राम शामिल हैं, जिनमें जनगणना कार्य संपादित किया जाएगा।

प्रशिक्षण व्यवस्थाजनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत जिला स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण प्रस्तावित है। इसमें जिला स्तरीय अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणक एवं पर्यवेक्षक सम्मिलित होंगे। जनगणना के चरण एवं समय-सीमाजनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकान गणना) : 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक।द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) : फरवरी 2027 में जिसकी संदर्भ तिथि 01 मार्च 2027 को रात्रि 00:00 बजे निर्धारित की गई है।
प्रथम चरण की अधिसूचना भारत के राजपत्र (असाधारण) में 07 जनवरी 2026 को प्रकाशित की गई है तथा राज्य शासन द्वारा 01 मई से 30 मई 2026 की अवधि निर्धारित कर इसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में किया जा चुका है। प्रश्नावली का प्रकाशन भी भारत एवं मध्यप्रदेश राजपत्र में नियमानुसार किया गया है।डिजिटल टूल्स का उपयोगजनगणना 2027 में HLO App (Houselisting Operations), PE App (Population Enumeration), Self Enumeration पोर्टल, CMMS (Census Management and Monitoring System) पोर्टल एवं HLBC (House listing block creator) वेब मैप एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा। आंकड़ों का संग्रहण प्रगणक एवं पर्यवेक्षक द्वारा मोबाइल के माध्यम से किया जाएगा।
प्रगणक एवं पर्यवेक्षक को चरण-1 हेतु 9000 रुपये एवं चरण-2 हेतु 16000 रुपये मानदेय निर्धारित है। पूर्ण कार्य हेतु कुल 25,000 रुपये का प्रावधान किया गया है।बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि समय-सीमा (TL) बैठकों में जनगणना कार्य को स्थायी एजेंडा बिंदु के रूप में शामिल किया जाए। डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण देने में सक्षम मास्टर ट्रेनर्स एवं फील्ड ट्रेनर्स का चयन किया जाए।चार्ज स्तर पर आवश्यकतानुसार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। CMMS पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियाँ समयबद्ध रूप से की जाएं तथा जनगणना कार्य निदेशालय, मध्यप्रदेश द्वारा प्रेषित पत्रों एवं निर्देशों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री सी.एस. सोलंकी, डिप्टी कलेक्टर श्री महेश बड़ोले, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती रीतिका पाटीदार, डिप्टी कलेक्टर सुश्री वैशाली सोलंकी एवं समिति के समस्त सदस्य सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






