पंचायत उप निर्वाचन-2026: शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष निर्वाचन के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश ,जारी01 जिला पंचायत सदस्य, 01 सरपंच एवं 03 पंच पदों के लिए होगा उप निर्वाचन ,संबंधित क्षेत्रों में शस्त्र लाइसेंस निलंबित, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग एवं संपत्ति विरूपण पर रहेगी सख्ती

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतों के उप निर्वाचन वर्ष-2026 (पूर्वार्द्ध) का निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किए जाने के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। जिले में उप निर्वाचन शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने तथा कानून व्यवस्था, लोक शांति एवं लोक सुरक्षा बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

01 जिला पंचायत सदस्य, 01 सरपंच एवं 03 पंच पदों के लिए निर्वाचन
उप निर्वाचन के तहत जनपद पंचायत राणापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कंजावानी खास, समोई, छागोला, जुनागांव, खेड़ाअंधारखड़, आधारखड़, मोरडुंडिया, चुई, सरदारपुर, भोडली, ढोल्यावड़, छापरखण्डा, भोरकुंडिया, डिग्गी, अगेरा, मोहनपुराभुरका, माछलियाझीर, बन, पुवाला, भुतखेड़ी, सनोड, भूरीमाटी एवं मातासूला को सम्मिलित करते हुए जिला पंचायत सदस्य के वार्ड क्रमांक-06 में निर्वाचन होगा।

इसी प्रकार जनपद पंचायत थांदला की ग्राम पंचायत पलासडोर में सरपंच पद के लिए सम्पूर्ण ग्राम पंचायत में निर्वाचन होगा । ग्राम पंचायत परवाड़ा के वार्ड क्रमांक-20 तथा ग्राम पंचायत दौलतपुरा के वार्ड क्रमांक-10 में पंच पद के लिए निर्वाचन होगा।

जनपद पंचायत मेघनगर की ग्राम पंचायत रंभापुर के वार्ड क्रमांक-13 में पंच पद के लिए निर्वाचन होगा, जो अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है। इस प्रकार जिले में कुल 01 जिला पंचायत सदस्य, 01 सरपंच एवं 03 पंच पदों के लिए उप निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा।

राणापुर, थांदला एवं मेघनगर में अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध
उप निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए मतदान कर्मियों सहित पर्याप्त मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए विकासखंड राणापुर, थांदला एवं मेघनगर के समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। पूर्व में स्वीकृत अवकाश भी तत्काल प्रभाव से निरस्त किए गए हैं।

निर्वाचन अवधि में शनिवार, रविवार सहित अन्य सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खुले रहेंगे तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित होकर निर्वाचन संबंधी कार्य संपादित करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा।

चुनाव प्रचार की अनुमति के लिए एसडीएम अधिकृत
पंचायत उप निर्वाचन के अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए वाहन, आमसभा, जुलूस आदि की अनुमति प्राप्त करने हेतु संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी को अधिकृत किया गया है। अनुमति आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप प्रदान की जाएगी।

अस्त्र-शस्त्र विक्रेताओं के स्टॉक की होगी जांच
निर्वाचन के दौरान अस्त्र-शस्त्रों के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से अनुविभागीय दण्डाधिकारी झाबुआ, थांदला एवं मेघनगर को अपने क्षेत्रांतर्गत समस्त अस्त्र-शस्त्र विक्रेताओं के स्टॉक की जांच 15 दिवस में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

समस्त अनुज्ञप्तिधारी अस्त्र-शस्त्र विक्रेताओं को प्रतिदिन के स्टॉक एवं शस्त्र तथा कारतूस की बिक्री की जानकारी संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी।

शस्त्र लाइसेंस निलंबित, संबंधित थानों में जमा होंगे शस्त्र
निर्वाचन के दौरान कमजोर वर्ग के मतदाता भयमुक्त होकर मतदान कर सकें, मतदान केन्द्रों पर बलपूर्वक कब्जे जैसी घटनाओं को रोका जा सके तथा निर्वाचन कार्य में संलग्न अधिकारियों-कर्मचारियों पर किसी प्रकार का अनुचित दबाव या प्रभाव न डाला जा सके, इसके लिए संबंधित विकासखंडों में स्वीकृत शस्त्र अनुज्ञप्तियों को चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक निलंबित किया गया है।

आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 17(3-ख) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संबंधित क्षेत्रों के शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को अपने अग्नेय शस्त्र संबंधित थानों में जमा कराने होंगे। थाना प्रभारी द्वारा शस्त्र जमा करने की विधिवत पावती प्रदान की जाएगी तथा जमा शस्त्रों का समुचित संधारण सुनिश्चित किया जाएगा।

यह आदेश संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत न्यायिक, राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों के शस्त्र लाइसेंस, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं में सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा कर्मियों तथा शासकीय ड्यूटी पर कार्यरत सेना, अर्द्धसैनिक बल, विशेष सशस्त्र बल, पुलिस बल एवं होमगार्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।

रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर एवं डीजे प्रतिबंधित
मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 के तहत संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में किसी भी राजनीतिक दल अथवा व्यक्ति द्वारा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे के बीच ध्वनि विस्तारक यंत्र, लाउडस्पीकर, डीजे आदि का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

चिकित्सालय, नर्सिंग होम, टेलीफोन एक्सचेंज, न्यायालय, शिक्षण संस्थाओं एवं उनके छात्रावासों, शासकीय कार्यालयों, स्थानीय प्राधिकरणों के कार्यालयों तथा बैंकों आदि से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। मनोरंजन, व्यापार, कारोबार के विज्ञापन अथवा अन्य वाणिज्यिक प्रयोजन के लिए भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी स्थान पर ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को अपने क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया है। अनुमति प्रदान करने से पूर्व कानून व्यवस्था, लोक शांति, लोक सुरक्षा एवं आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का परीक्षण किया जाएगा।

आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर प्राधिकृत पुलिस अधिकारी संबंधित ध्वनि विस्तारक यंत्र को अधिगृहीत कर सकेंगे। अधिनियम अथवा उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों का उल्लंघन, उल्लंघन का प्रयास अथवा दुष्प्रेरण करने पर संबंधित प्रावधानों के अनुसार 6 माह तक के कारावास अथवा एक हजार रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकेगा।

संपत्ति विरूपण पर होगी सख्त कार्रवाई
निर्वाचन के दौरान मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1994 के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुमति के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली संपत्ति को स्याही, खड़िया, रंग अथवा अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित कर विरूपित करने पर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध संज्ञेय होगा।

चुनाव प्रचार के दौरान शासकीय एवं अशासकीय भवनों की दीवारों पर नारे लिखने, विद्युत एवं टेलीफोन के खंभों पर झंडियां लगाने अथवा पोस्टर-बैनर लगाकर शासकीय संपत्ति को विरूपित करने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

प्रत्येक थाने में रहेगा ‘लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता’
संपत्ति विरूपण रोकने तथा अवैध रूप से लगाए गए पोस्टर-बैनर हटाने एवं चुनावी नारे मिटाने के लिए संबंधित प्रत्येक थाने में ‘लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता’ गठित किया जाएगा। यह दस्ता थाना प्रभारी की प्रत्यक्ष देखरेख में कार्य करेगा।

दस्ते के सहयोग के लिए संबंधित थाने के एक सहायक उप निरीक्षक, मुख्यालय पटवारी एवं स्थानीय निकाय के एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी। दस्ते को वाहन तथा लोक संपत्ति को विरूपण से बचाने एवं उसे पूर्व स्थिति में लाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। दस्ता निर्वाचन समाप्ति तक अपने कार्यक्षेत्र में नियमित भ्रमण कर लोक संपत्तियों को विरूपित होने से रोकने की कार्रवाई करेगा।

यदि किसी राजनीतिक दल अथवा अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को उसके स्वामी की लिखित सहमति के बिना विरूपित किया जाता है तो संपत्ति स्वामी द्वारा संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी संपत्ति विरूपण संबंधी शिकायतों को पंजी में दर्ज कर जांच करेंगे तथा तथ्य सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। की गई कार्रवाई का दैनिक प्रतिवेदन रिटर्निंग ऑफिसर के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजा जाएगा।

पंचायत उप निर्वाचन में भाग लेने वाले समस्त अभ्यर्थियों एवं राजनीतिक दलों को मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता एवं निर्वाचन संबंधी निर्देशों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा।

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