झाबुआ। कलेक्टर नेहा मीना ने रामा परियोजना अंतर्गत ग्राम बलोला बड़ी के स्कूल फलिया एवं बारिया फलिया स्थित आंगनवाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को प्रदाय की जा रही सेवाओं, पोषण आहार वितरण, आधारभूत सुविधाओं एवं शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।निरीक्षण के दौरान स्कूल फलिया स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र में जानकारी दी गई कि केन्द्र में कुल 25 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 2 बच्चे सैम (SAM) श्रेणी में हैं।

सक्षम आंगनवाड़ी योजना अंतर्गत केन्द्र में स्मार्ट टीवी एवं आरओ कनेक्शन की व्यवस्था नहीं पाए जाने के कारण टीवी एवं आर ओ बंद स्थिति में मिला, जिस पर कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।कलेक्टर ने पोषण आहार वितरण, फेस रिकग्निशन प्रणाली एवं पोषण ट्रैकर एप में की जा रही प्रविष्टियों की भी गहन जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों की ऊंचाई एवं वजन के निर्धारित मानकों के अनुसार सही श्रेणी का निर्धारण अनिवार्य रूप से किया जाए। इस कार्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की दक्षता संतोषजनक नहीं पाई गई।

इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा प्रदाय मोंटेसरी किट का उपयोग नहीं किए जाने पर भी कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि बच्चों के समग्र विकास हेतु उपलब्ध संसाधनों का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।बारिया फलिया स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र में भी सक्षम आंगनवाड़ी योजना अंतर्गत स्मार्ट टीवी इंस्टॉल नहीं पाया गया। केन्द्र में व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं होने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्रों में पाई गई विभिन्न लापरवाहियों के कारण संबंधित सुपरवाइजर एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देशित किया कि संबंधित स्व-सहायता समूह को नोटिस जारी किया जाए, क्योंकि समूह द्वारा न तो नाश्ता प्रदाय किया जा रहा है और न ही निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता अत्यंत खराब पाई गई, जो बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत गंभीर विषय है।साथ ही कलेक्टर ने सीडीपीओ को निर्देश दिए कि पूर्व में आंगनवाड़ी केन्द्रों में किए गए निरीक्षणों की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए, ताकि की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की जा सके।दोनों आंगनवाड़ी केन्द्रों पर रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग, शौचालय एवं पोषण वाटिका से संबंधित कार्यों में लापरवाही एवं खराब गुणवत्ता पाए जाने पर संबंधित सहायक यंत्री, उप यंत्री एवं ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्देशित किया कि जिले के सभी सहायक यंत्रियों एवं उप यंत्रियों के लिए गुणवत्ता, तकनीकी मानकों एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की कमियां न रहें।इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री आर एस बघेल, सीडीपीओ, सुपरवाइजर एवं अन्य उपस्थित रहे।




