कलेक्टर के निर्देशन में तड़वी सम्मेलन का आयोजन, तड़वी सम्मेलन में गौ संरक्षण एवं अवैध गतिविधियों पर निगरानी पर जोर।

झाबुआ। जिले के समस्त विकासखण्डों में होगा आयोजन,

मेघनगर से हुई शुरुआत कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में तड़वी प्रतिनिधियों की भूमिका को सशक्त, सक्रिय एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से समस्त विकासखण्डों में तड़वी सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि तड़वी प्रतिनिधि ग्राम स्तर पर प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उनके माध्यम से ही समय पर सूचनाएं प्राप्त होती हैं, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सकता है।

तड़वी सम्मेलन आयोजित करने का उद्देश्य तड़वी प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना, प्रशासन एवं ग्राम स्तर के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा कानून-व्यवस्था, जन-सुरक्षा एवं शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में आज 04 फरवरी 2026 को विकासखण्ड मेघनगर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अवंधती प्रधान की अध्यक्षता में तड़वी सम्मेलन का आयोजन किया गया।

सम्मेलन के दौरान तड़वी प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता सहित विभिन्न प्रासंगिक अधिनियमों एवं प्रावधानों के अंतर्गत उनके कर्तव्यों एवं दायित्वों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें अवगत कराया गया कि तड़वी ग्राम स्तर पर शासन की “आँख और कान” के रूप में कार्य करते हैं, इसलिए उनकी भूमिका प्रशासन एवं समाज दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

तड़वी प्रतिनिधियों से कहा गया कि ग्राम क्षेत्र में गोकशी अथवा पशुओं से संबंधित किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही अपने-अपने ग्राम में घटित होने वाली किसी भी छोटी से छोटी घटना, विवाद, अप्रिय स्थिति अथवा कानून-व्यवस्था से संबंधित प्रकरण की सूचना तत्काल एवं बिना विलंब प्रशासन को देना सुनिश्चित करें। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया गया। वहीं कृषि विभाग द्वारा उन्नत कृषि तकनीकों, फसल सुरक्षा एवं कृषि उत्पादन में वृद्धि से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।

तड़वी प्रतिनिधियों को ग्राम क्षेत्र के अंतर्गत वन क्षेत्रों की सुरक्षा, अवैध कटाई की रोकथाम एवं वन संपदा के संरक्षण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त ग्राम स्तर पर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम करने तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुँचाकर उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश भी दिए गए।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर प्रशासनिक तंत्र को और अधिक सशक्त बनाना, जन-सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा तड़वी प्रतिनिधियों की भूमिका को प्रभावी, उत्तरदायी एवं संवेदनशील बनाना रहा।सम्मेलन में तहसीलदार श्री पलकेश परमार, पशु चिकित्सा विभाग से डॉ. अमरसिंह दिवाकर एवं श्री सरेश गौड़, कृषि विभाग के कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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