झाबुआ। कलेक्टर नेहा मीना द्वारा पिटोल स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी भवन की जर्जर एवं असुरक्षित स्थिति सामने आने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बच्चों को केन्द्र में बैठाना उनकी सुरक्षा के साथ समझौता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनवाड़ी केन्द्र को तत्काल प्रभाव से किराये के उपयुक्त एवं सुरक्षित भवन में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वैकल्पिक भवन की शीघ्र व्यवस्था कर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को सुगम एवं सुरक्षित वातावरण में सेवाएं मिल सकें।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि केन्द्र में समूह के माध्यम से प्रदाय किया जाने वाला भोजन नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित समूह के विरुद्ध टर्मिनेशन नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के पोषण से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी केन्द्र में समुचित व्यवस्थाओं का अभाव एवं बच्चों की अपेक्षाकृत कम उपस्थिति भी पाई गई।
कलेक्टर ने इस पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि क्षेत्र में सर्वे कर अधिक से अधिक बच्चों को केन्द्र से जोड़ा जाए तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी केन्द्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा पोषण आहार वितरण, बच्चों की उपस्थिति, स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं की सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री आर. एस. बघेल, संबंधित सुपरवाइजर, सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।J






