झाबुआ जिले के थांदला पलवाड क्षेत्र में आने वाले गांव भीमपुरा के तड़वी (पटेल) विलियम डामोर ने आदिवासी समाज में हो रहे फिजूल खर्च पर रोक लगाने एवं दहेज,दारू,डीजे आदि अन्य कुरितियो को दुर करने को लेकर गांव में स्थित माता जी मन्दिर पर अपने गांव वासियों की बैठक रखी गई। बैठक में गांव के वरिष्ठ, युवा वर्ग एवं महिलाओं उपस्थित हुई। महिलाओं ने भीली भाषा में गीत गा कर आदिवासी समाज में सुधार लाने की समझाइश दी।

algolist: 0;
multi-frame: 0;
brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
motionR: null;
delta:null;
bokeh:0;
module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 7864320;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 126.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: 0;weatherinfo: weather?null, icon:null, weatherInfo:100;temperature: 47;
समस्त ग्रामवासियों की सहमति से गांव भीमपुरा में दहेज दापा, डीजे,दारू, चांदी आदि तमाम चींजों के बारे में विशेष चर्चा की गई। साथ ही गांव में आगामी समय में होने वाली शादी- विवाह कार्यक्रम में फिजूल खर्च को बंद करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उपस्थित समस्त वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा की आदिवासी समाज लोग अधिकतर शादियों में फिजूल खर्च करने से कर्ज में डूबे रहे हैं।इन तमाम चींजों को हमें समाज में हमेशा के लिए बंद करना होगा तभी हम अपने समाज में सुधार ला सकते हैं।
इस दौरान बैठक में आदिवासी समाज सुधार संगठन के जिला सचिव दिलीप मैडा,चैनसिंह डामोर, कालिया सिंगाड़िया,दितिया डामोर (भीमपुरी पटेल), दिनेश डामोर ( सरपंच प्रतिनिधि), रमेश भुरिया ( सरपंच), आदि उपस्थित हुए।




